Saturday, 17 March 2012

budget 12

जनरल बजेट ने  आम आदमी की जेब कुछ इस तरह काटी सास लेने के लिए खुली हवा तथा  प्यास बुझाने के लिए शुद्ध पानी तक ना मिले शायद मरने के बाद कफ़न भी नसीब हो न हो !